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डायलिसिस पर पिता, लेकिन बेटी के हौसले बुलंद; आरुषी के सपनों का सहारा बना स्कॉलरशिप ट्रस्ट

गया लाइव डेस्क। गया में आर्थिक तंगी और पारिवारिक संकट के बीच एक मेधावी छात्रा के सपनों को नई उड़ान मिली है। सीबीएसई दसवीं बोर्ड परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले का नाम रोशन करने वाली आरुषी कुमारी को डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्कॉलरशिप वेलफेयर ट्रस्ट ने इंजीनियरिंग प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया। पिता की गंभीर बीमारी और कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद आरुषी ने अपनी मेहनत और लगन से साबित कर दिया कि कठिन हालात भी मजबूत इरादों को नहीं रोक सकते।
ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में छात्रा को कोचिंग शुल्क के लिए सहायता राशि दी गई। इस दौरान ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि समाज में कई ऐसे प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं हैं, जिनकी राह में आर्थिक अभाव सबसे बड़ी बाधा बन जाता है। ऐसे बच्चों को आगे बढ़ाने और उनके सपनों को साकार करने के लिए ट्रस्ट लगातार प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा ने बताया कि आरुषी के पिता मुकेश कुमार गंभीर किडनी रोग से पीड़ित हैं और वर्तमान में डायलिसिस पर हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर होने के कारण छात्रा की आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मुश्किल होती जा रही थी। ऐसे समय में ट्रस्ट ने आर्थिक सहयोग देकर छात्रा के सपनों को टूटने से बचाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रतिभा केवल पैसों की कमी के कारण पीछे नहीं रहनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने आरुषी की मेहनत और संघर्ष की जमकर सराहना की। लोगों ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी जिस तरह उसने शानदार सफलता हासिल की है, वह अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा है। ट्रस्ट के सदस्यों ने शिक्षा को समाज और देश के विकास की सबसे मजबूत नींव बताते हुए कहा कि जरूरतमंद एवं मेधावी विद्यार्थियों की सहायता करना संस्था का मुख्य उद्देश्य है।
इस अवसर पर ट्रस्ट के सक्रिय सदस्य सुनील कुमार सिन्हा, राजेश सहाय, नवीन बिहारी प्रसाद, प्रभात शंकर, कुमार गौरव एवं रिंकू सिन्हा मौजूद रहे। सभी ने छात्रा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ट्रस्ट आगे भी इसी तरह प्रतिभाशाली छात्रों की मदद करता रहेगा। वहीं आरुषी कुमारी ने ट्रस्ट के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और प्रेरणा का बड़ा स्रोत है। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में एक सफल इंजीनियर बनकर समाज और देश की सेवा करना चाहती हैं।

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