बिहार में अपराध मामलों के त्वरित निपटारे के लिए बनेंगे 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट: मुख्यमंत्री
गया लाइव डेस्क। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बोधगया स्थित महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि अपराध से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए बिहार में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में कानून का राज और अधिक मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्यस्तरीय ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किया जाएगा। इसमें वे लोग अपनी शिकायत रख सकेंगे, जिनके आवेदनों का प्रखंड स्तर पर निष्पादन तो हो चुका है, लेकिन वे फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को त्वरित और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के बेहतर समन्वय से न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा। सरकार नियमित समन्वय बैठकों के माध्यम से जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाएगी। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार थानों को आधुनिक संसाधनों, सीसीटीवी, डिजिटल उपकरणों और वैज्ञानिक जांच प्रणाली से लैस कर रही है। 112 आपातकालीन सेवा की प्रतिक्रिया अवधि को औसतन 10 मिनट से घटाकर 7–8 मिनट करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सम्मेलन में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची, पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, गृह सचिव कुंदन कुमार, गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सहित न्यायपालिका, प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सम्मेलन में नए कानूनों के प्रभावी और समान क्रियान्वयन पर विस्तार से मंथन किया गया।
