निवेश की रकम मांगी तो रंगदारी का मुकदमा? गयाजी में दंपती का बिल्डर पर पलटवार, निष्पक्ष जांच की मांग
गया लाइव डेस्क। गयाजी शहर में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में दर्ज केस ने नया मोड़ ले लिया है। आरोपित दंपती ने प्रेस वार्ता कर दावा किया कि उन्होंने बिल्डर से अपनी निवेश की रकम वापस मांगी थी, लेकिन पैसे लौटाने के बजाय उन्हें झूठे रंगदारी के मामले में फंसा दिया गया। उन्होंने एसएसपी और आईजी से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
प्रेस वार्ता कर दंपती ने रखी अपनी बात
गया शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित गोड़िया मठ मोहल्ला निवासी अमित कुमार और उनकी पत्नी शिल्पा गुप्ता ने बुधवार को प्रेस वार्ता आयोजित कर बिल्डर विकास कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। दंपती का कहना है कि उनके खिलाफ 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का जो मामला दर्ज कराया गया है, वह पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
40 लाख रुपये निवेश करने का दावा
अमित कुमार ने बताया कि विकास कुमार उनके चचेरे भाई हैं। पारिवारिक विश्वास के आधार पर उन्होंने अपनी पत्नी शिल्पा गुप्ता, सुमित कुमार, नीलम देवी और सुरेश प्रसाद के साथ मिलकर “गजाधर टावर” परियोजना में करीब 40 लाख रुपये का निवेश किया था। उनके अनुसार, लिखित समझौते के तहत उन्हें 35 लाख रुपये मूल्य का 2BHK फ्लैट दिया जाना था। साथ ही निवेश की गई राशि लौटाने का भी स्टांप पेपर पर उल्लेख किया गया था।
पैसे मांगे तो दर्ज करा दिया रंगदारी का केस
दंपती का आरोप है कि जब तय समय पर उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो बिल्डर लगातार टालमटोल करता रहा। बाद में जब वे अपने पैसे की मांग करने उसके कार्यालय पहुंचे तो उनके खिलाफ रंगदारी मांगने और हथियार के बल पर धमकी देने का मामला दर्ज करा दिया गया। अमित कुमार ने दावा किया कि कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से स्पष्ट हो जाएगा कि वे बिना किसी हथियार के सामान्य रूप से कार्यालय पहुंचे थे। ऐसे में पिस्तौल दिखाने और रंगदारी मांगने के आरोप तथ्यहीन हैं।
मेहनत की कमाई बचाने के लिए फंसाया जा रहा
शिल्पा गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनके परिवार की मेहनत की कमाई वापस न करनी पड़े, इसलिए उनके पति को झूठे मुकदमे में फंसाया गया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि बिल्डर पहले भी लोगों को बड़े प्रोजेक्ट का लालच देकर निवेश कराते रहे हैं और बाद में राशि लौटाने के बजाय विवाद खड़ा कर देते हैं। परिवार का सदस्य होने के कारण उन्होंने भी भरोसा किया, लेकिन बदले में उन्हें धोखा मिला।
सीसीटीवी और दस्तावेजों की जांच की मांग
दंपती ने गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और मगध रेंज के आईजी से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सीसीटीवी फुटेज, स्टांप पेपर पर हुए लिखित समझौते और अन्य दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मुकदमे में फंसाना न्याय व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। इससे पूर्व विकास कुमार मीडिया के सामने आए और 50 लाख रुपए रंगदारी और पिस्तौल दिखा कर जान मारने की धमकी की बात कही गई थी। और थाना में शिकायत दर्ज कराया गया था।
