बोधगया में सियासी समर: राजद की हैट्रिक रोकने को एनडीए मैदान में
गया लाइव डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल गर्माने लगा है और बोधगया सीट इस बार फिर से सुर्खियों में है। राजद विधायक कुमार सर्वजीत लगातार तीसरी जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान में होंगे, जबकि भाजपा और एनडीए इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
*ऐतिहासिक पृष्ठभूमि*
बोधगया विधानसभा का राजनीतिक इतिहास उतना ही पुराना और दिलचस्प है जितना इसकी सांस्कृतिक पहचान। 1957 में पहली बार हुए चुनाव में कांग्रेस की शांति देवी ने जीत हासिल की थी। इसके बाद कभी कांग्रेस, कभी जनता दल, कभी राजद और कभी भाजपा यह सीट सत्ता बदलने का गवाह बनती रही।
2008 के परिसीमन में फतेहपुर को बोधगया से जोड़ दिया गया, जिसके बाद से यहां की राजनीति और जटिल हो गई। फतेहपुर और टनकुप्पा प्रखंड का वोटर आज भी चुनावी समीकरण तय करने में निर्णायक भूमिका निभाता है।

*पिछले चुनाव का गणित*
2010: भाजपा के श्यामदेव पासवान ने जीत दर्ज की (फासला 11,213 वोट)।
2015: राजद के कुमार सर्वजीत भारी बहुमत से जीते (अंतर 30,473 वोट)।
2020: मुकाबला कांटे का रहा। सर्वजीत ने भाजपा के हरि मांझी को केवल 4,708 वोट से हराया। यानी इस बार मुकाबला और भी कड़ा होने वाला है।

*इस बार ये होगी चुनावी मुद्दे*
स्थानीय लोगों की नजर इस बार सिर्फ वादों पर नहीं, बल्कि अधूरे कामों पर भी रहेगी।
फतेहपुर को अनुमंडल का दर्जा दिलाना
डिग्री कॉलेज की स्थापना
आरओबी (रेल ओवरब्रिज) का निर्माण
करियादपुर में थाना खोलना
गुरपा को प्रखंड का दर्जा दिलाना
बोधगया को अतिक्रमण मुक्त करना। इन मुद्दों पर चुनावी सभाओं में जोरदार बहस होनी तय है।
*अब तक के बदलाव*
पिछले पांच सालों में मायापुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गुरु पदगिरी व संदेनाथ धाम के पर्यटन विकास और ढाढर पुल का निर्माण जैसे काम हुए। वहीं, गुरपा को थाना का दर्जा भी मिला। लेकिन, फतेहपुर अनुमंडल का सपना, डिग्री कॉलेज की मांग, तिलैया धार सिंचाई परियोजना का विस्तार और स्टेशन के पास आरओबी निर्माण जैसे वादे अब तक अधूरे हैं।
*उम्मीदवारों की स्थिति*
राजद से कुमार सर्वजीत अपनी हैट्रिक का दावा ठोकेंगे। वहीं भाजपा-एनडीए में कई नाम चर्चा में हैं, जिनमें पूर्व विधायक अजय पासवान और वर्तमान नेता हरि मांझी प्रमुख हैं। टिकट की दावेदारी को लेकर हाल ही में कई शक्ति प्रदर्शन भी हुए।
*बोधगया विधानसभा का मतदाता गणित*
पुरुष मतदाता: 1,69,962
महिला मतदाता: 1,54,348
थर्ड जेंडर: 2
कुल मतदाता: 3,24,312
*निष्कर्ष*
बोधगया की सियासत हर बार अप्रत्याशित मोड़ लेती है। इस बार सवाल यह है कि क्या कुमार सर्वजीत जीत की हैट्रिक पूरी कर पाएंगे, या फिर भाजपा-एनडीए का दांव इस ऐतिहासिक सीट पर रंग लाएगा?
