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खबर लिखना पड़ा भारी! पत्रकार अमित कुमार से मारपीट पर भड़का पत्रकार यूनियन, आंदोलन की चेतावनी

गया लाइव डेस्क। गुरुआ प्रखंड में दैनिक भास्कर के पत्रकार अमित कुमार के साथ कथित मारपीट, बंधक बनाकर प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी दिए जाने की घटना ने पत्रकार जगत में आक्रोश पैदा कर दिया है। बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, गया इकाई ने इस घटना को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

पत्रकारों में भारी आक्रोश

घटना को लेकर बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के सदस्यों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। यूनियन के जिलाध्यक्ष रंजन सिन्हा ने कहा कि किसी पत्रकार को सिर्फ खबर लिखने के कारण निशाना बनाना बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो आम लोगों की आवाज कौन उठाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका बेहद अहम होती है, लेकिन हाल के दिनों में पत्रकारों को डराने, धमकाने और उन पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय है।

“सत्ता के दम पर कानून हाथ में लेने की कोशिश”

जिलाध्यक्ष ने कहा कि गुरुआ की घटना यह साबित करती है कि कुछ लोग राजनीतिक प्रभाव और दबाव के बल पर कानून को हाथ में लेने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। पत्रकार अमित कुमार के साथ जिस प्रकार कथित रूप से मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना की गई, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश है।

प्रशासनिक अधिकारियों से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने कहा कि संगठन इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है। मंगलवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से मिलने का समय तय किया जा रहा है। पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मिलकर निष्पक्ष जांच, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित पत्रकार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग करेगा।

संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

“यह सिर्फ एक पत्रकार नहीं, पूरे समाज का मामला”

यूनियन ने जिले के सभी पत्रकारों से एकजुट रहने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक पत्रकार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पत्रकार समाज की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते आवाज नहीं उठाई गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

दोषियों की गिरफ्तारी की मांग

बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में अविलंब एफआईआर दर्ज कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि पत्रकारों में कानून और प्रशासन के प्रति विश्वास कायम रह सके।

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