महाराणा प्रताप नगर में आरएसएस का विजयादशमी उत्सव सह शस्त्र पूजन सम्पन्न
गयाजी(आकाश रौशन)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा विजयादशमी उत्सव सह शस्त्र पूजन का भव्य आयोजन किया गया। संघ के शताब्दी वर्ष की श्रृंखला में आयोजित यह कार्यक्रम अनुशासन, परंपरा और राष्ट्रभक्ति की झलक से परिपूर्ण रहा। बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भाग लेकर उत्सव को गरिमा प्रदान की।
शस्त्र पूजन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ महाराणा प्रताप नगर के संघचालक वीरेंद्र कुमार सिंह (पूर्व विभागाध्यक्ष, भूगोल, मगध विश्वविद्यालय) ने पारंपरिक विधि से शस्त्र पूजन कर किया। इस अवसर पर संघ ध्वजवंदन और प्रार्थना के साथ अनुशासित प्रदर्शन ने वातावरण को ऊर्जावान बना दिया।
बौद्धिक सत्र: “पंच परिवर्तन” पर विचार
बौद्धिक सत्र में वीरेंद्र कुमार सिंह ने संघ की स्थापना, उद्देश्य और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ केवल संगठन नहीं, बल्कि जीवन दृष्टि है, जो व्यक्ति को चरित्र, संयम, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता है। विशेष रूप से उन्होंने संघ की “पंच परिवर्तन” संकल्पना को रेखांकित करते हुए इसके पाँच आयाम बताए: कुटुम्ब प्रबोधन – परिवारों में संवाद, संस्कार और संगठन का भाव, सामाजिक समरसता – समाज के सभी वर्गों में एकता और सहयोग की भावना, पर्यावरण संरक्षण – प्रकृति के प्रति कर्तव्यबोध और संरक्षण की चेतना, स्व का भाव जागरण – भारतीय संस्कृति और गौरव के प्रति जागरूकता, नागरिक कर्तव्य भावना – नागरिकों को अपने दायित्वों के प्रति सजग बनाना।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण के माध्यम से ही राष्ट्र निर्माण संभव है, और पंच परिवर्तन के इन आयामों पर कार्य कर समाज को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम की झलकियाँ
बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की अनुशासित उपस्थिति।
पारंपरिक विधि से शस्त्र पूजन और ध्वजवंदन।
संघ प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन।
आयोजन की सफलता में सहयोग
इस आयोजन को सफल बनाने में रिशु भदानी, शैलेंद्र स्वामी, शैलेश श्रीवास्तव, सतेंद्र कुमार, सुमित कुमार, अमर शेखर, रवि कुमार, निखिल कुमार, हरिशंकर कुमार, राज पांडेय, पवन एवं अंकित सहित अनेक स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा।
