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स्मार्ट मीटर में बड़ा बदलाव: अब उपभोक्ता खुद चुनेंगे प्रीपेड या पोस्टपेड विकल्प, प्रीपेड में सस्ती बिजली और अतिरिक्त फायदे का मौका

गया लाइव डेस्क। गया में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब लोगों को यह अधिकार मिल गया है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड विकल्प चुन सकें, जिससे बिजली खपत और बिलिंग पर उनका नियंत्रण और मजबूत होगा।

गयाजी में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव लागू हुआ है। जहां पहले स्मार्ट मीटर को अनिवार्य रूप से प्रीपेड मोड में रखने की व्यवस्था थी, वहीं अब उपभोक्ताओं को यह स्वतंत्रता मिल गई है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार पोस्टपेड या प्रीपेड विकल्प चुन सकें। इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग और भुगतान प्रणाली में अधिक लचीलापन मिलेगा।
दरअसल, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा 1 अप्रैल 2026 को जारी नए संशोधन के बाद ‘अनिवार्य प्रीपेड’ की शर्त हटा दी गई है। इसका मतलब यह है कि स्मार्ट मीटर लगवाना अभी भी जरूरी रहेगा, लेकिन उपभोक्ता यह तय कर सकते हैं कि वे पहले बिजली इस्तेमाल कर बाद में बिल भरना चाहते हैं या पहले रिचार्ज कर बिजली का उपयोग करना पसंद करेंगे।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, स्मार्ट मीटर केवल बिजली खपत को मापने वाला उपकरण है। इसका टैरिफ या दरों से सीधा संबंध नहीं होता। बिजली की दरें राज्य विद्युत विनियामक आयोग द्वारा तय की जाती हैं, और उसी के अनुसार बिल तैयार होता है। इसलिए उपभोक्ताओं को यह समझना जरूरी है कि मीटर बदलने से बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं होता।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर अपनाने वाले उपभोक्ताओं को कई अतिरिक्त लाभ भी मिल रहे हैं। इसमें 25 पैसे प्रति यूनिट तक सस्ती बिजली, हर रिचार्ज पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ, दिन में 20 प्रतिशत सस्ती बिजली और 2000 रुपये से अधिक बैलेंस रखने पर ब्याज जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा, स्मार्ट ऐप के माध्यम से उपभोक्ता रियल टाइम में अपनी बिजली खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और आसानी से ऑनलाइन भुगतान भी कर सकते हैं।
वहीं, पोस्टपेड विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं को पारंपरिक मीटर की तरह महीने के अंत में एक बार बिल मिलेगा। हालांकि, इसमें बकाया राशि पर चक्रवृद्धि ब्याज भी देना पड़ सकता है, जिससे समय पर भुगतान करना जरूरी हो जाता है।
बिजली विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मीटर लगाने आने वाले टेक्नीशियन का काम केवल मीटर इंस्टॉल करना होता है। वह उपभोक्ता के बिलिंग मोड में कोई बदलाव नहीं कर सकता। प्रीपेड या पोस्टपेड विकल्प बदलने के लिए उपभोक्ताओं को सीधे बिजली विभाग से संपर्क करना होगा।
अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों या भ्रम में न आएं और स्मार्ट मीटर को लेकर सही जानकारी के आधार पर निर्णय लें। यह तकनीक न केवल सटीक बिलिंग सुनिश्चित करती है, बल्कि बिजली की बचत और खर्च पर नियंत्रण भी प्रदान करती है।
स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ताओं को लंबी कतारों से छुटकारा, पारदर्शी बिलिंग और बेहतर ऊर्जा प्रबंधन का लाभ मिलेगा। साथ ही, सोलर पैनल के साथ इसकी संगतता इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाती है। कुल मिलाकर, स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए आधुनिक तकनीक के साथ स्मार्ट बचत का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है।

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