भाजपा के साथ मजबूती से खड़ीं नेत्री सरिता दांगी, बोलीं “पार्टी का फैसला सिर माथे”
गया लाइव डेस्क। जिले की चर्चित गुरुआ विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी उपेंद्र दांगी के नाम की घोषणा के बाद सियासी तापमान बढ़ गया है। टिकट किसी बाहरी उम्मीदवार को मिलने से स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नाराज़गी दिख रही है। सोशल मीडिया पर भी विरोध के स्वर तेज हैं। लोग लिख रहे हैं, “भाजपा से बैर नहीं, पर बाहरी का खैर नहीं।”
इसी बीच, भाजपा नेत्री एवं जिला पार्षद सदस्य सरिता दांगी ने आगे बढ़कर मोर्चा संभाला है। उन्होंने कहा कि जनता की अपनी भावनाएं होती हैं और आज के दौर में लोग सोशल मीडिया पर अपने विचार खुलकर रखते हैं। यह लोकतंत्र की स्वाभाविक प्रक्रिया है।
सरिता दांगी ने साफ कहा, “हम पार्टी के सिपाही हैं। भाजपा का हर निर्णय हमारे लिए सर्वोपरि है। गुरुआ से उपेंद्र दांगी को प्रत्याशी बनाया गया है, यह पार्टी का सोचा-समझा फैसला है और हम सभी को इसका सम्मान करना चाहिए।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे और उनके समर्थक पूरी मजबूती से भाजपा के साथ हैं और जनता के बीच जाकर यह संदेश दे रहे हैं कि “भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, जो हमेशा जनता के हित में निर्णय लेती है।”
उधर, स्थानीय कार्यकर्ताओं में यह चर्चा तेज है कि बाहरी उम्मीदवार के आने से चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। माहौल गर्म है, पर भाजपा खेमा अब “नाराज़ भी अपने हैं” की तर्ज पर असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को मनाने में जुट गया है। गुरुआ सीट पर ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ का मुद्दा सियासी हवा गरमा रहा है, लेकिन सरिता दांगी जैसे नेता संगठन के साथ खड़े होकर भाजपा को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हैं।
