पीएम की अपील से सहमा सर्राफा बाजार, गया में सोना कारोबार ठप; हजारों परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट
गयाजी के सर्राफा बाजार में इन दिनों गहरी सुस्ती छाई हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की चर्चा के बाद जिले के ज्वैलर्स कारोबार को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। बाजारों में ग्राहकों की संख्या तेजी से घटी है, जिससे कारोबारियों, कारीगरों और कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट की आशंका बढ़ गई है।
शहर के प्रमुख आभूषण बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदार सुबह से शाम तक ग्राहकों का इंतजार करते दिखे, लेकिन सामान्य दिनों जैसी रौनक नजर नहीं आई। गया जिला बुलियन एसोसिएशन के मुताबिक जिले में करीब 2500 छोटे-बड़े सोना-चांदी के प्रतिष्ठान संचालित हैं, जिनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग एक लाख लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है।
बुलियन एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कुमार बरनवाल ने कहा कि देशहित में सरकार के फैसलों का सम्मान है, लेकिन इस अपील का असर सर्राफा कारोबार पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि पहले ही सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों से बाजार प्रभावित था, अब ग्राहकों के पीछे हटने से स्थिति और खराब होने लगी है।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नीरज कुमार वर्मा ने कहा कि भारत में सोना सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि परिवारों की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा सहारा माना जाता है। जरूरत पड़ने पर लोग इसी सोने के जरिए मुश्किल समय का सामना करते हैं। कारोबारियों का कहना है कि यदि लंबे समय तक बाजार में मंदी रही तो कर्मचारियों की सैलरी, दुकान का किराया और बैंक लोन की किश्तें चुकाना मुश्किल हो जाएगा।
व्यापारियों ने सरकार से अपील की है कि देशहित और कारोबार दोनों के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित न हो।
