34 साल बाद बेलागंज में सियासी मुकाबला: शह और मात का खेल
गयाजी (अंजनी वर्मा)। गया जिले के बेलागंज विधानसभा सीट जिसे कभी राजद का अभेद गढ़ माना जाता था, अब सियासी पटल पर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। 2024 के उपचुनाव में जदयू प्रत्याशी मनोरमा देवी ने राजद उम्मीदवार डॉ. विश्वनाथ कुमार सिंह को हराकर 34 साल पुराने गढ़ को ढहा दिया था। अब एक बार फिर बेलागंज की धरती पर राजनीतिक घमासान तय है। बेलागंज विधानसभा क्षेत्र में 146467 पुरुष मतदाता, 129101 महिला मतदाता, 02 अन्य मतदाता सहित कुल 245570 मतदाता हैं।
उपचुनाव ने बदली समीकरण
जहानाबाद के सांसद बने डॉ. सुरेंद्र यादव ने अपने बेटे को मैदान में उतारा था, लेकिन यह दांव कारगर नहीं हुआ। मनोरमा देवी ने 21,391 वोटों से जीत दर्ज की।
जदयू (मनोरमा देवी): 73,334 वोट
राजद (विश्वनाथ कुमार सिंह): 51,943 वोट
जन सुराज पार्टी के मोहम्मद अमजद को भी अच्छी संख्या में वोट मिले, जिससे मुकाबला और पेचीदा हो गया।
1990 से 2024 तक राजद का दबदबा
1990 से लगातार राजद नेता डॉ. सुरेंद्र प्रसाद यादव ने सीट पर कब्जा बनाए रखा।
1998 में सांसद बनने के बाद उनकी जगह राजद के महेश सिंह यादव जीते।
2000 में एक बार फिर डॉ. सुरेंद्र यादव ने वापसी की।
2024 उपचुनाव तक यह सीट राजद के पास रही।
जातीय गणित का बोलबाला
बेलागंज की राजनीति पूरी तरह MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण के इर्द-गिर्द घूमती है।
यादव: 70,000
मुस्लिम: 20,000
भूमिहार: 20,000
राजपूत: 15,000
कोइरी-दांगी: 25,000
बनिया: 10,000
अनुसूचित जाति: 50,000
जीत-हार का फैसला अक्सर यादव-मुस्लिम वोटों के गठजोड़ पर ही टिका रहता है।
5 साल में दिखे बदलाव
कई नई सड़कों का निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत।
अलग-अलग जगहों पर पीने के पानी की व्यवस्था।
हर वार्ड में विधायक फंड से चापाकल लगाया गया।
कई देवस्थानों पर चबूतरा निर्माण।
अधूरे वादे
गढ़वा पोखर गांव में नहर पर पुल और सड़क का निर्माण अधूरा।
सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने और नहरों की सफाई का वादा पूरा नहीं।
सड़क किनारे बसे महादलित परिवारों को जमीन दिलाने का मुद्दा अब भी लंबित।
पिछले चुनावी नतीजे
2015:
राजद (सुरेंद्र यादव): 71,067
हम (समीर अली): 40,736
अंतर: 30,341 वोट
2020:
राजद (सुरेंद्र यादव): 79,708
जदयू (अभय कुशवाहा): 55,745
अंतर: 23,963 वोट
2024 (उपचुनाव):
जदयू (मनोरमा देवी): 73,334
राजद (विश्वनाथ सिंह): 51,943
अंतर: 21,391 वोट।
2025 चुनाव में होंगे ये मुद्दे
1. स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था।
2. स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और नए स्कूल।
3. सड़क निर्माण एवं नाली-नाला का पक्कीकरण।
निष्कर्ष
बेलागंज विधानसभा में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। मनोरमा देवी और डॉ. विश्वनाथ सिंह आमने-सामने होंगे तो वहीं जन सुराज जैसे तीसरे विकल्प से लड़ाई और तगड़ी हो सकती है। राजनीतिक पंडित मानते हैं कि यहां एक चाल की गलती से ‘शह और मात’ का खेल तय हो जाएगा।
