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“आदिवासी समाज देश की आत्मा, संसाधनों पर पहला अधिकार उनका” : जीतनराम मांझी

गया लाइव डेस्क। समाहरणालय सभागार सोमवार को जनजातीय समाज की खुशियों, उम्मीदों और सम्मान का केंद्र बना रहा। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी की अध्यक्षता में “जनजातीय गरिमा महोत्सव” का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान कई जनजातीय लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ तथा वनाधिकार अधिनियम के तहत जमीन का पट्टा सौंपा गया। वर्षों से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे लाभुकों के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दे रहा था।
“आदिवासी समाज ने देश को सजाया-संवारा”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि आदिवासी समाज इस देश के मूल निवासी हैं और उन्होंने ही इस देश को सजाया-संवारा है। उन्होंने कहा कि जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार आदिवासी समाज का है।
उन्होंने सरकार द्वारा चलाए जा रहे जनभागीदारी अभियान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह अच्छी पहल है कि योजनाओं का लाभ सबसे पहले जनजातीय समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
मंत्री ने शिक्षा को आदिवासी समाज के विकास की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए कहा कि दूरदराज के जनजातीय टोलों में कम आबादी होने के बावजूद प्राथमिक विद्यालय खोले जाने चाहिए। साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों में उनके लिए सीटें आरक्षित की जानी चाहिए।
“सबसे दूर, सबसे पहले” पहुंचाने का लक्ष्य
जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि इस अभियान की टैगलाइन “जनभागीदारी अभियान – सबसे दूर, सबसे पहले” रखी गई है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) तक सरकार की सभी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि अभियान के तहत आधार कार्ड, राशन कार्ड, गैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, पेंशन योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ जनजातीय परिवारों तक पहुंचाया जाएगा।
पांच गांवों में आयोजित होगा महोत्सव
जिला प्रशासन के अनुसार गया जिले के पांच गांवों में जनजातीय गरिमा उत्सव आयोजित किया जाएगा। इनमें फतेहपुर प्रखंड के गुरपा पंचायत स्थित कठौतिया केवाल, इमामगंज प्रखंड के मालहारी गांव और बांकेबाजार प्रखंड के मरनिया, डुमरी एवं नागोवार गांव शामिल हैं।
इन इलाकों में बिरहोर और परहिया जनजाति के लोग निवास करते हैं, जिन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई पहल
प्रशासन ने जानकारी दी कि बिरहोर जनजाति के 22 लाभुकों को वनाधिकार अधिनियम के तहत जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। वहीं पीएम जनमन योजना के तहत बांकेबाजार के डुमरी, नागोवार और मरनिया में मल्टीपर्पज सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है।
इसके अलावा लुटुआ पंचायत में एकलव्य विद्यालय खोलने का प्रस्ताव भेजा गया है। पीवीटीजी क्षेत्रों में खेल मैदान विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है, ताकि जनजातीय युवाओं को खेल और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
स्वास्थ्य शिविर से पौधरोपण तक चलेंगे कार्यक्रम
जिला प्रशासन ने बताया कि 18 मई से शुरू हुआ यह अभियान 25 मई तक चलेगा। इस दौरान जनजातीय क्षेत्रों में डोर-टू-डोर संपर्क अभियान, स्वास्थ्य शिविर, जनसुनवाई, लाभ कार्ड वितरण और पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
19 मई को स्वास्थ्य शिविर और डोर-टू-डोर वॉक, 20 मई को जनसुनवाई और ट्रांसेक्ट वॉक, 21 से 23 मई तक समस्याओं के समाधान और लाभ कार्ड वितरण, 24 मई को पौधरोपण अभियान तथा 25 मई को समीक्षा बैठक और मीडिया संवाद आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला कल्याण पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में जनजातीय लाभुक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान जनजातीय समाज के लोगों में उत्साह और उम्मीद का माहौल देखने को मिला।

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