पेपर लीक से करोड़ों युवाओं का टूटा भरोसा, पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र पर सीधा प्रहार : रंजन सिन्हा
गया लाइव डेस्क। इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन (आईजेयू) के राष्ट्रीय सचिव एवं बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, गया जिला इकाई के जिलाध्यक्ष रंजन सिन्हा ने देश में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं और पत्रकारों पर बढ़ते हमलों को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक ने केवल परीक्षाओं की गोपनीयता और विश्वसनीयता को ही नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों, मेहनत और व्यवस्था पर उनके विश्वास को भी गहरा आघात पहुंचाया है।
रंजन सिन्हा ने कहा कि लाखों छात्र-छात्राएं वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। इससे युवाओं में निराशा, असंतोष और व्यवस्था के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि छात्र-युवाओं की इस पीड़ा को सत्ता और विपक्ष दोनों अपने-अपने राजनीतिक हितों के अनुसार भुनाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि मूल मुद्दा पारदर्शी, ईमानदार और समान शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यदि छात्र अपने आंदोलन का नेतृत्व स्वयं नहीं करेंगे तो यह महत्वपूर्ण मुद्दा भी राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ जाएगा।
उन्होंने पत्रकारों पर हो रहे हमलों की भी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता चौथे स्तंभ की भूमिका निभाती है। पत्रकारों पर किसी भी प्रकार का हमला केवल किसी एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जनता के सूचना के अधिकार पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि पत्रकार भयमुक्त वातावरण में ही निष्पक्ष रूप से अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं।
आईजेयू एवं बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पत्रकारों पर हुए हमलों की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि वे बिना किसी दबाव, भय या बाधा के अपना दायित्व निभा सकें। रंजन सिन्हा ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और स्वतंत्र पत्रकारिता दोनों का सुरक्षित एवं विश्वसनीय होना समान रूप से आवश्यक है।
