जीतन राम मांझी ने एनडीए से 20 सीटों की मांग की; तेजस्वी यादव पर तीखा हमला, वो पागल हैं
गयाजी (आकाश रौशन)। केंद्रीय मंत्री और राज्य के वरिष्ठ राजनेता जीतन राम मांझी ने सोमवार को अतरी विधानसभा क्षेत्र में पत्रकारों से बातचीत में एनडीए से 20 सीटों की मांग करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने जुड़ाव, आगामी चुनाव और विपक्ष पर कटाक्ष किए।
मांझी ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक पारी में कुल 13 चुनाव लड़े हैं, जिनमें 10 में भाग लिया और 8 में जीत हासिल की। लोकसभा के चुनाव 3 बार लड़े, जिनमें एक बार विजयी रहे। उन्होंने बताया कि घर और ससुराल अतरी में ही हैं और 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुरोध पर उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला लिया था — मगर यह उनका “अंतिम चुनाव” होगा। उन्होंने कहा, “अपना क्षेत्र से हम अपना पार्टी का चुनाव लड़ाएंगे, कई कार्य अभी बाकी हैं।”
तेजस्वी यादव को लेकर मांझी ने कड़ी टिप्पणी की और कहा, “तेजस्वी यादव पागल हैं” — साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी के पिता (लालू प्रसाद यादव) ने उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने का प्रयास किया था। मांझी ने अपने विरोधियों पर भी कठिन भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि कुछ लोग उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करते रहे — “चूहा खाने, बकरी चराने वाले पढ़ना-लिखना सीखो कहते थे।”
रक्षा और पाकिस्तान संबंधी बयान पर मांझी ने कहा कि पाकिस्तान हमारे सामने “नहीं है” और कहा कि वह एक समय में भारत का हिस्सा था। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवादी ठिकानों को हटाने के प्रयास हुए और बाद में पाकिस्तान के प्रति नरमी भी दिखाई गई। मानी गई उनकी टिप्पणी में उन्होंने यह भी कहा कि “अब तो समुद्र से भी मिसाइल छोड़ने की तकनीक है, पाकिस्तान नक्शा से मिट जाएगा” — यह बयान विवादास्पद प्रकृति के रूप में देखा जा सकता है।
मांझी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे 75 साल के बाद चुनाव न लड़ने की अपनी पुरानी बात पर विचार कर चुके थे, पर नीतीश कुमार के आग्रह पर 2020 में वापसी की। उन्होंने कहा कि अतरी से अपनी पार्टी का प्रत्याशी उतारने का प्रयास कर रहे हैं और क्षेत्र में विकास के कामों को पूरा करना उनका लक्ष्य है।
