मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिपार्ड में ‘मंथन–2025’ दो दिवसीय कार्यशाला का किया उद्घाटन
गया लाइव डेस्क। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गया जी स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) में आयोजित ‘मंथन–2025’ दो दिवसीय कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों की सहभागिता रही।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सरकार की योजनाओं को तेजी, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनकल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता, लगन और ईमानदारी से कार्य करना आवश्यक है। आम जनता को प्रशासन से बड़ी उम्मीदें होती हैं और इन्हीं प्रयासों के बल पर बिहार को देश के शीर्ष पाँच विकसित राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को इस दिशा में समर्पित भाव से कार्य करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

बिपार्ड परिसर में कई नवविकसित केंद्रों का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात उन्होंने मंथन–2025 में शामिल सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री ने बिपार्ड परिसर में विकसित संवाद वाटिका, योगा परिसर, बिपार्ड लॉन, नक्षत्र वन, पुनर्योजित ब्रह्म योनि सरोवर, हॉर्स राइडिंग ट्रैक, पुस्तकालय (विक्रमशिला), मोटर वाहन प्रशिक्षण केंद्र, अंतरिक्ष गैलरी, बिपार्ड दीर्घा एवं उत्कृष्टता केंद्र का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने इन सभी केंद्रों का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

ये थे उपस्थित
इस अवसर पर विधायक मनोरमा देवी, विधायक ज्योति देवी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव सह बिपार्ड महानिदेशक डॉ. बी राजेन्दर, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि, डॉ. चंद्रशेखर सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. गोपाल सिंह, मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. सफीना एएन, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक क्षत्रनील सिंह, गया जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, मधेपुरा डीएम अभिषेक रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र सहित सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी एवं अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

महाबोधि मंदिर में की पूजा-अर्चना
कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री ने महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से उन्हें प्रतीक चिह्न भी भेंट किया गया।

यह कार्यशाला प्रशासनिक मंथन और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
