आरंभिक पब्लिक स्कूल में वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन
गया लाइव डेस्क। “जो तेरे अंदर के साहस को पहचान लेता है, वही तेरे हौसलों को उड़ान देता है”—इस प्रेरक पंक्ति के साथ आरंभिक पब्लिक स्कूल में वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्रों ने नृत्य, गीत एवं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। उनकी कला-कौशल और आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों की अभिभावकों एवं अतिथियों ने जमकर सराहना की। इन प्रस्तुतियों से समूचा वातावरण आनंदमय हो उठा और उपस्थित सभी लोग भाव-विभोर नजर आए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री सुनील कुमार वर्मा, किरण चतुर्वेदी एवं विपिन लावण्या (न्यायाधीश एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश) उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों ने बच्चों की कला और प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा ऐसे आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
विद्यालय के निदेशक विनीत कुमार एवं सचिव रजनीश कुमार ने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के विकास के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा। वहीं, प्रधानाध्यापक श्रीमती अलका सिंह एवं विद्यालय के व्यवस्थापक मृगनर्क नारायण सिंह ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता का विकास होता है।
कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के सभी शिक्षकों का उल्लेखनीय योगदान रहा, जिनके मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन से बच्चों ने मंच पर बेहतरीन प्रदर्शन किया। समारोह में शिक्षक-शिक्षिकाएँ, अभिभावकगण एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति रही। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य अतिथियों एवं सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प दोहराया।
