गयाबिहार

“सच लिखोगे तो उठा लेंगे?”—पत्रकार को धमकी से भड़का आक्रोश

गया। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल की अव्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार पर लगातार हो रही रिपोर्टिंग के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक हिंदी दैनिक के वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र मिश्रा को कथित तौर पर उठा लेने की धमकी दी गई है। इस घटना के बाद जिले के पत्रकारों और मीडिया संगठनों में भारी रोष व्याप्त है।
“धमकी नहीं, लोकतंत्र पर हमला”
मीडिया संगठनों ने इस घटना को केवल एक पत्रकार को दी गई धमकी नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला बताया है। उनका कहना है कि जब सच सामने लाने वाले पत्रकारों को डराने की कोशिश की जाती है, तो यह पूरे समाज के लिए खतरे की घंटी है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि इससे पहले कोरोना काल में भी सच्चाई उजागर करने पर पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। अब एक बार फिर धमकी की घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सच लिखना अब जोखिम भरा हो गया है?
यूनियन की दो टूक चेतावनी
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, गया के जिलाध्यक्ष रंजन सिन्हा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यूनियन ने साफ कहा है कि अगर दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
“हम साथ हैं”—पत्रकारों की एकजुटता
यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि वे पत्रकार जितेंद्र मिश्रा के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनकी सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
इस पूरे मामले में अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। पत्रकारों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे मामलों से न केवल पत्रकारों का मनोबल गिरेगा, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद भी कमजोर होगी।

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