नहीं है कोई कन्फ्यूजन, नीतीश ही सीएम रहेंगे: उपेंद्र कुशवाहा
गया लाइव डेस्क। वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र के मानपुर प्रखंड कार्यालय के खेल मैदान में आयोजित एनडीए की चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार एनडीए की बनेगी तो बिहार में मुख्यमंत्री को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं रहेगा — नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं और रहेंगे। कुशवाहा ने कार्यकर्ताओं से एनडीए के प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह को जिताने की अपील की और कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य और इलाके के विकास की लड़ाई है।
कुशवाहा ने सभा में कहा कि वर्तमान सरकार ने महिलाओं और आम जनता के लिए जो योजनाएँ चलाई हैं, वे दिखाई दे रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये नहीं पहुंचे थे, उन्हें भी राशि दी जाएगी और आगे सरकार प्रत्येक महिला को रोजगार के लिए 2 लाख रुपये तक सहायता देने की योजना बनाएगी। कुशवाहा ने कहा, “कोई नीतीश के खिलाफ कुछ कहे तो महिलाएँ उनका मुंह नोच लेंगी।”
उक्त सभा में उन्होंने बिजली और रोज़गार के सुधार का भी श्रेय प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिया — “पहले गांव-शहर में बिजली देखने के लिए इंतजार करना पड़ता था, आज गाँवों में भी 20 घंटे बिजली होती है। 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त कर दी गई है। हर तरह से बेरोजगारों को रोजगार मिलना शुरू हुआ है और विकास का काम हो रहा है,” कुशवाहा ने कहा।
कुशवाहा ने 2005 से पहले राजद शासन की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उस दौर में अतिपिछड़ा परिवार तक स्थानीय चुनावों में भाग नहीं पाता था और महिलाओं को अधिकार नहीं मिलते थे। उन्होंने दावा किया कि नीतीश के दौर में महिलाओं को शक्ति मिली है — “पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी जिला परिषद की अध्यक्ष बनती हैं — यह ताकत किसने दी?” उन्होंने कहा कि लालू परिवार के समय में सत्ताधारियों की पैठ इतनी थी कि किरानी, अधिकारी और चपरासी तक उन्हीं के अनुरूप होते थे।
रालोसपा के भीतर सीट बंटवारे का जिक्र करते हुए कुशवाहा ने बताया कि रालोसपा इस बार छह सीटों पर चुनाव लड़ रही है — जिनमें से तीन सीटें कुशवाहा समाज को, एक भूमिहार, एक राजपूत और एक वैश्य समुदाय को दी गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि और अवसर मिले होते तो महादलित या किसी और समुदाय को भी दिया जाता। कुशवाहा ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि इस सीट बँटवारे पर “नाक-मुंह मत सिकोड़िए” और सबको साथ लेकर चलें।
सभा में कुशवाहा ने स्थानीय परेशानी या असंतोष को बैठकर सुलझाने का भी भरोसा दिया और चेतावनी दी कि यदि लोग बीरेंद्र सिंह को वोट नहीं देंगे तो कुशवाहा की राजनीतिक स्तिथि कमजोर हो सकती है — इसलिए सबका साथ ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि बीरेंद्र सिंह को प्रधानमंत्री, नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी का आशीर्वाद मिला हुआ है।
कुशवाहा ने यह भी कहा कि रालोसपा से जुड़े कुछ लोग “इधर-उधर” कर रहे हैं, उस विषय पर मिलकर बात कर ली जाएगी, पर चुनाव में एकजुटता बनाए रखने का आग्रह दोहराया। उन्होंने किसानों, युवा और महिलाओं से अपील की कि वे एनडीए के प्रत्याशी को भारी मतों से जिताकर राज्य व केन्द्र के विकास को आगे बढ़ाएँ।
सभा के दौरान स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी तादाद उपस्थित रही। जनता से संवाद के बाद कुशवाहा अन्य चुनावी कार्यक्रमों के लिए रवाना हो गए। आगामी दिनों में वे जिले के अन्य हिस्सों में भी चुनावी रैलियाँ करेंगे, ऐसा कार्यकर्ताओं ने बताया।
