22 से 24 जनवरी तक होगा बौद्ध महोत्सव 2026
गया लाइव डेस्क। बौद्ध महोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने शुक्रवार को कालचक्र मैदान का निरीक्षण किया तथा इसके बाद बीटीएमसी सभाकक्ष में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। डीएम ने बताया कि इस वर्ष बौद्ध महोत्सव 22 जनवरी से 24 जनवरी तक तीन दिवसीय आयोजन के रूप में मनाया जाएगा।
कालचक्र मैदान निरीक्षण के दौरान डीएम ने विभिन्न प्रवेश द्वारों की जानकारी ली और पूछा कि किस गेट से वीवीआईपी, वीआईपी, बौद्ध भिक्षु, मीडिया, महिला दर्शक और आम दर्शक प्रवेश करेंगे। उन्होंने बोधगया डीएसपी और सदर एसडीओ को निर्देश दिया कि प्रवेश व्यवस्था को लेकर अभी से विस्तृत प्लान तैयार कर लिया जाए।
स्वच्छता, रोशनी और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर
डीएम ने निर्देश दिया कि बौद्ध महोत्सव के दौरान कालचक्र मैदान और महाबोधि मंदिर के आसपास पर्याप्त शौचालय और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नगर परिषद बोधगया को पूरे क्षेत्र में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया।
साथ ही दोमुहान से महाबोधि मंदिर और चिल्ड्रन पार्क से वर्मा मोड़ तक आकर्षक लाइटिंग कराने को कहा। डीएम ने होटल संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें भी अपने-अपने होटलों के बाहर सजावटी लाइट लगाने का निर्देश देने को कहा, ताकि पूरा बोधगया उत्सव के रंग में नजर आए।
यातायात, पार्किंग और सुरक्षा होगी सुदृढ़
डीएम ने कहा कि बौद्ध महोत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रहनी चाहिए। इसके लिए पार्किंग स्थलों को अभी से चिन्हित करने, रूट डायवर्जन और ट्रैफिक प्लान तैयार करने का निर्देश जिला परिवहन पदाधिकारी को दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि कालचक्र मैदान और बोधगया के प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा किसी भी गेट के पास ठेला-खुमचा नहीं लगने दिया जाए, जिससे दर्शकों को आवागमन में परेशानी न हो।
ग्रामश्री मेला और व्यंजन मेला भी होंगे आकर्षण
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि महोत्सव के अवसर पर कालचक्र मैदान में ग्रामश्री मेला और व्यंजन मेला लगाया जाएगा। ग्रामश्री मेला में लगभग 40 स्टॉल और व्यंजन मेला में 15 से 20 स्टॉल लगाए जाने की संभावना है।
स्वास्थ्य व बिजली व्यवस्था पर भी निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि तीन पालियों में डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति, एंबुलेंस की व्यवस्था और लगातार स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
वहीं बिजली विभाग को निर्देश दिया गया कि कालचक्र मैदान के अंदर और बाहर किसी भी प्रकार का डार्क स्पॉट न रहे।
गया की पहचान से जुड़ा आयोजन : डीएम
डीएम शशांक शुभंकर ने कहा कि पितृपक्ष मेला और बौद्ध महोत्सव गया की वैश्विक पहचान हैं। बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, ऐसे में सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी कोषांग पदाधिकारी अपने-अपने कार्यों के लिए वर्क प्लान तैयार कर समय पर निष्पादन सुनिश्चित करें।
बैठक में बीटीएमसी सचिव, नगर पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता विधि-व्यवस्था, सदर एसडीओ, बोधगया एसडीपीओ सहित सभी कोषांगों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
