सौरभ हत्याकांड में नया मोड़: चुनावी षड्यंत्र के तहत मेयर का नाम जोड़े जाने पर भड़के समर्थक
गया लाइव डेस्क। कोतवाली थाना क्षेत्र के बैरागी मोहल्ले में हुए सौरभ हत्याकांड ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। बुधवार को गयाजी नगर निगम के मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान के समर्थकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले में मेयर का नाम जोड़े जाने को राजनीतिक षड्यंत्र बताया। समर्थकों ने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए विपक्षी दल बीजेपी नेताओं द्वारा मेयर को साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही है।
वार्ड 10 के पार्षद गोपाल कुमार, नीरज कुमार, सोनू कुमार, विकास कुमार सहित कई समर्थकों ने संयुक्त रूप से कहा कि मेयर गणेश पासवान के खिलाफ अब तक किसी भी थाने में एक भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, फिर भी उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। समर्थकों ने कहा कि मेयर हमेशा समाजसेवा और विकास कार्यों में सक्रिय रहे हैं, लेकिन कुछ लोग उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में समर्थकों ने यह भी दावा किया कि मृतक सौरभ और उसके पिता उपेंद्र पासवान दोनों का अपराधी इतिहास रहा है, वे हाल ही में एक गोलीकांड मामले में जेल से छूटकर आए थे। उन्होंने कहा कि हत्या की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और निर्दोष व्यक्ति को राजनीतिक द्वेष की वजह से न फंसाया जाए।
समर्थकों ने यह भी कहा कि बीजेपी नेताओं द्वारा दलित समुदाय के अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्तियों को आगे कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि इस मामले की जांच एसएसपी स्तर से स्वतंत्र रूप से की जाए, ताकि निष्पक्ष सत्य उजागर हो सके।
उधर, मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मेयर गणेश पासवान ने पांच लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करवाई है। इसी आधार पर पुलिस ने मेयर, पार्षद सहित 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें चार बदमाश वारदात को अंजाम देते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि साक्ष्य के आधार पर ही कार्रवाई होगी, किसी निर्दोष को फंसाया नहीं जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, गया नगर विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी और बिहार सरकार के मंत्री डॉ. प्रेम कुमार मृतक के परिजनों से मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने गयाजी की सियासत में नई हलचल मचा दी है — एक ओर जहां मेयर समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे न्याय की लड़ाई के रूप में पेश कर रहा है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे इस सनसनीखेज हत्याकांड की असल सच्चाई सामने आ सके।
