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गयाजी शहर के दुर्गा बाड़ी में सिंदूर खेला के साथ मां को दी गई विदाई

गयाजी(आकाश रौशन)। शारदीय नवरात्र की आस्था और भक्ति का पर्व विजयादशमी के साथ गुरुवार को गयाजी शहर के प्रसिद्ध दुर्गा बाड़ी में संपन्न हुआ। मां दुर्गा की प्रतिमा को सिंदूर खेला और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच विदाई दी गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी।

महिलाओं ने पारंपरिक लाल साड़ी पहनकर सिंदूर खेला की रस्म निभाई। एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मातृत्व और सौभाग्य की कामना की गई। माहौल ‘बिजया दशमी’ के उल्लास और मां के विदा होने की भावुकता से भरा रहा।

विदाई जुलूस के दौरान भक्तों ने “आस्छे बोछोर आबार होबे” (अगले साल फिर मिलेंगे) के जयघोष लगाए। ढाक-धुनुची की थाप, शंखध्वनि और भक्ति गीतों के साथ प्रतिमा विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकली। स्थानीय समिति के सदस्यों ने बताया कि दुर्गा बाड़ी में दशकों से इस परंपरा को जीवंत रखा गया है और हर साल यहां की भव्यता गयाजी के पूजा उत्सव को खास पहचान देती है।

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