गयापटनाबिहार

गया में 2 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगे, उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली और अतिरिक्त लाभ

गया लाइव डेस्क। गयाजी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर तेजी से लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। दो लाख से ज्यादा मीटर लगने के साथ उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली, रिचार्ज पर अतिरिक्त लाभ और बेहतर नियंत्रण जैसी कई सुविधाएं मिल रही हैं।


‌ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के मामले में गया सर्कल (गया और जहानाबाद) राज्य में सबसे आगे है। 12 अप्रैल तक यहां कुल 2 लाख 815 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 1.80 लाख मीटर गया जिले में और 20 हजार से अधिक मीटर जहानाबाद में लगाए गए हैं। पूरे सर्कल में कुल 7.15 लाख मीटर लगाने का लक्ष्य है।
शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में लोग बढ़-चढ़कर अपने घरों और दुकानों में स्मार्ट मीटर लगवा रहे हैं। साउथ बिहार विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पैम्फलेट वितरण, बिलिंग सेंटर पर बैनर, भीड़भाड़ वाले इलाकों में कैनोपी और घर-घर जाकर जानकारी दी जा रही है।


स्मार्ट मीटर के फायदे
स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को कई विशेष लाभ मिल रहे हैं:
सामान्य मीटर की तुलना में 25 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली
हर रिचार्ज पर 3% अतिरिक्त लाभ
2000 रुपये से अधिक बैलेंस पर बैंकों से ज्यादा ब्याज
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक 20% सस्ती बिजली (टीओडी टैरिफ)
125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह जारी
हर क्षेत्र में तेजी से लग रहे मीटर
गया सर्कल के बोधगया, मानपुर, शेरघाटी, वजीरगंज, टेकारी, गुरारू, काको समेत कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। टीम घर-घर जाकर मीटर इंस्टॉल कर रही है और लोगों को इसके फायदे समझा रही है।


उपभोक्ताओं को दिया जा रहा विकल्प
हाल ही में केंद्रीय बिजली प्राधिकरण के नए नियमों के तहत उपभोक्ताओं को यह सुविधा दी गई है कि वे स्मार्ट मीटर को प्रीपेड या पोस्टपेड—किसी भी तरीके से चला सकते हैं।
हालांकि, प्रीपेड विकल्प चुनने पर ही उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली और टीओडी जैसे अतिरिक्त लाभ मिलेंगे।
सहयोग की अपील
बिजली विभाग की ओर से उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रम में न पड़ें और स्मार्ट मीटर लगाने वाली टीम का सहयोग करें, ताकि सभी को इसका पूरा लाभ मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *