जादू दिखा कर वोटरों को लुभाने की कोशिश
गया लाइव डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार प्रचार का अंदाज कुछ हटकर नजर आ रहा है। कोई बुलेट पर सवार होकर गांव-गांव घूम रहा है तो कोई संस्कार मोड़ पर हाथ जोड़कर लोगों से समर्थन की अपील कर रहा है। वहीं गया जिले के इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) पार्टी ने वोटरों को रिझाने का एक नया और अनोखा तरीका अपनाया है — जादू के माध्यम से चुनाव प्रचार।
इमामगंज सीट से मौजूदा विधायक और हम पार्टी की प्रत्याशी दीपा कुमारी, जो पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की बहू हैं, एक बार फिर मैदान में हैं। पार्टी ने प्रचार अभियान को अलग रूप देने के लिए जादूगरों को मैदान में उतारा है। ये जादूगर गांव-गांव जाकर लोगों को इकट्ठा करते हैं और अपने जादू से सबको आकर्षित करते हैं।
जादू दिखाने के दौरान जादूगर कभी हम पार्टी का झंडा गायब कर देते हैं और फिर उसे “जादुई अंदाज” में वापस निकालते हुए लोगों से कहते हैं — “11 नवंबर को हम पार्टी के कड़ाही छाप पर मतदान करें।” साथ ही, वे जनता को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की नीतियों और उपलब्धियों के बारे में बताते हैं।
इस अनोखे चुनाव प्रचार को लेकर ग्रामीणों के बीच खूब चर्चा है। कई लोग इसे “जादुई प्रचार” तो कुछ “रोचक प्रयोग” बता रहे हैं। राजनीतिक हलकों में भी यह प्रचार शैली सुर्खियों में है, क्योंकि पहली बार किसी पार्टी ने जादूगरों को आधिकारिक रूप से वोटरों से जुड़ने के लिए उतारा है।
इमामगंज विधानसभा सीट पर दीपा कुमारी पिछली बार उपचुनाव में जीत हासिल कर विधायक बनी थीं। इस बार उनके पति और राज्य के मंत्री संतोष कुमार सुमन खुद मैदान में उतरकर पत्नी के पक्ष में प्रचार संभाल रहे हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि हम पार्टी का यह “जादुई प्रचार” वोटरों के दिल तक पहुंच पाता है या नहीं। इसका फैसला 14 नवंबर को मतगणना के दिन होगा — तब पता चलेगा कि इस बार “दीपा का जादू” चला या नहीं।
