जनता दरबार में डीएम ने सुनीं 200 से अधिक आवेदकों की समस्याएं
गया लाइव डेस्क। डीएम शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 200 से अधिक आवेदकों ने अपनी समस्याएं रखीं। डीएम ने सभी आवेदकों की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल जांच एवं समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नौरंगा से आए एक आवेदक ने बताया कि उनकी जमीन रोक सूची में दर्ज है। इस पर डीएम ने अवर निबंधन पदाधिकारी, गया को आवेदन की जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
वहीं बेलागंज के लोदीपुर वार्ड संख्या-10 के आवेदक ने नल-जल योजना का पानी अंतिम घरों तक नहीं पहुंचने की शिकायत की। इस पर डीएम ने कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी को स्थल निरीक्षण कर योजना को सुचारू रूप से चालू कराने का निर्देश दिया।
इमामगंज प्रखंड के भवंधिह मौजा से आए आवेदक ने बताया कि उनके पूर्वजों के नाम पर दर्ज जमाबंदी से नाम हटाकर किसी अन्य व्यक्ति का नाम दर्ज कर दिया गया है। इस मामले में डीएम ने अपर समाहर्ता को जांच करने का आदेश दिया।
इसी तरह खिजरसराय अईमा गांव के आवेदक ने बताया कि जमाबंदी कायम रहने के बावजूद अंचल अधिकारी द्वारा उसे रद्द कर दिया गया है। डीएम ने भूमि सुधार उप समाहर्ता, नीमचक बथानी को मामले की जांच कराने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में कई आवेदकों ने अतिक्रमण से संबंधित शिकायतें भी दर्ज कराईं। डीएम ने संबंधित अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी को सुनवाई कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा अधिग्रहित भूमि के मुआवजे से संबंधित आवेदनों पर डीएम ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एवं संबंधित अंचलाधिकारियों को जांच कर नियमानुसार मुआवजा भुगतान का आदेश दिया।
कुछ आवेदकों ने स्वयं को आवास विहीन बताते हुए आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। इस पर डीएम ने उप विकास आयुक्त को जांच कर पात्र लाभुकों को योजना का लाभ दिलाने का निर्देश दिया।
वहीं भूमिहीन महिलाओं द्वारा दिए गए आवेदनों पर डीएम ने अपर समाहर्ता राजस्व को जांच कर भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
जनता दरबार के दौरान डीएम शशांक शुभंकर ने कहा कि “जनता दरबार आम जनता की सरकार तक सीधी पहुंच है। इसका उद्देश्य जनसमस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।”
उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अतिरिक्त अन्य सभी आवेदनों को भी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को भेजते हुए डीएम ने शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
