Breaking : रंगदारी कांड में न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष गिरफ्तार, चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
गया लाइव डेस्क। मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएनएमएमसीएच) से जुड़े एक करोड़ रुपये की रंगदारी और जान से मारने की धमकी के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यूरो सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में उनके कंपाउंडर नीतीश कुमार समेत दो अन्य लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मगध मेडिकल थाना कांड संख्या 11/26 में दर्ज इस मामले की तकनीकी और गुप्त जांच के बाद यह खुलासा हुआ कि रंगदारी की साजिश में विभाग के अंदरूनी लोग ही शामिल थे। जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला
मगध मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार ने पूर्व में थाना में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी विभा कुमारी को अज्ञात लोगों द्वारा फोन कर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है। साथ ही रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी।
पहली धमकी 27 दिसंबर 2025 की रात करीब 8 बजे उस समय दी गई थी, जब विभा कुमारी मगध कॉलोनी स्थित न्यूरो क्लिनिक में मौजूद थीं। दूसरी धमकी 31 दिसंबर 2025 की शाम करीब 7:50 बजे दी गई, जब वह पटना के कंकड़बाग स्थित आवास पर थीं। लगातार मिल रही धमकियों के बाद पूरा परिवार दहशत और मानसिक तनाव में आ गया था।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध मेडिकल थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। कॉल डिटेल और मोबाइल ट्रैकिंग के दौरान साक्ष्य ऐसे मिले, जिनसे साजिश की परतें खुलती चली गईं। जांच में यह सामने आया कि रंगदारी की योजना सुनियोजित थी और इसमें करीबी लोगों की भूमिका संदिग्ध है।
इसी आधार पर पुलिस ने डॉ. सत्येंद्र कुमार, उनके कंपाउंडर नीतीश कुमार और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रंगदारी की साजिश के पीछे उद्देश्य क्या था और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं।
मेडिकल कॉलेज में हड़कंप
घटना के बाद मगध मेडिकल कॉलेज परिसर और चिकित्सक समुदाय में हड़कंप मचा हुआ है। एक वरिष्ठ चिकित्सक और विभागाध्यक्ष की गिरफ्तारी से स्वास्थ्य महकमे में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जबकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
